छत्तीसगढ़ में मक्का का सरकारी रेट (MSP) 2026-27
Makka MSP Rate in Chhattisgarh · Maize
समर्थन मूल्य · ख़रीफ़ 2026-27 · प्रति क्विंटल
₹2,410
पूरे देश में एक — छत्तीसगढ़ के लिए अलग नहीं
24 सितंबर 2026 · छत्तीसगढ़ का मंडी औसत
₹2,046
MSP से ₹364 नीचे
छत्तीसगढ़ की 16 मंडियों में से 2 में मक्का का भाव MSP से ऊपर चल रहा है। सबसे ऊँचा रेट Bandhabazar मंडी में — ₹2,500।
छत्तीसगढ़ की मंडियाँ — MSP से ऊपर या नीचे
हर मंडी का मोडल भाव, समर्थन मूल्य ₹2,410 के मुक़ाबले
| मंडी | मोडल भाव | MSP से अंतर |
|---|---|---|
| BandhabazarMohla Manpur Ambagarh Chouki | ₹2,500 | ₹90MSP से ऊपर |
| RamanujganjBalrampur | ₹2,430 | ₹20MSP से ऊपर |
| PratappurSurajpur | ₹2,400 | बराबर |
| BaikunthpurKoriya | ₹2,400 | बराबर |
| KondagoanKondagaon | ₹2,200 | ₹210MSP से नीचे |
| GamhariKondagaon | ₹2,000 | ₹410MSP से नीचे |
| DhanoraKondagaon | ₹2,000 | ₹410MSP से नीचे |
| KeshkalKondagaon | ₹2,000 | ₹410MSP से नीचे |
| VishrampurKondagaon | ₹2,000 | ₹410MSP से नीचे |
| AntagarhKanker | ₹2,000 | ₹410MSP से नीचे |
| KusmeeBalrampur | ₹1,900 | ₹510MSP से नीचे |
| PathalgaonJashpur | ₹1,800 | ₹610MSP से नीचे |
| KorarKanker | ₹1,800 | ₹610MSP से नीचे |
| BhanupratappurKanker | ₹1,800 | ₹610MSP से नीचे |
| SambalpurKanker | ₹1,800 | ₹610MSP से नीचे |
| KRISHI UPAJ MANDI SAMITI ( ) KANKERKanker | ₹1,700 | ₹710MSP से नीचे |
सभी भाव ₹ प्रति क्विंटल · स्रोत: Agmarknet (data.gov.in)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
छत्तीसगढ़ में मक्का का सरकारी रेट 2026-27 में कितना है?
मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,410 प्रति क्विंटल है। MSP पूरे देश में एक ही होता है — छत्तीसगढ़ के लिए अलग MSP नहीं होता। राज्य के हिसाब से जो बदलता है वह मंडी का भाव है, और वही तय करता है कि MSP पर बेचना फ़ायदे का है या खुली नीलामी में।
क्या छत्तीसगढ़ में मक्का का भाव अभी MSP से ऊपर है?
24 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ की 16 मंडियों का औसत मोडल भाव ₹2,046 प्रति क्विंटल रहा, यानी MSP से ₹364 नीचे। इनमें 2 मंडियों में भाव MSP से ऊपर चल रहा था।
छत्तीसगढ़ में मक्का MSP पर कहाँ बेचें?
सरकारी ख़रीद ज़िले के ख़रीद केंद्रों पर होती है और उसके लिए पहले पंजीकरण कराना होता है। फसल FAQ (उचित औसत गुणवत्ता) मानक पर खरी होनी चाहिए — नमी और सफ़ाई तय सीमा के भीतर। ख़रीद की तारीख़ें हर राज्य में अलग होती हैं और हर मंडी में केंद्र नहीं होता, इसलिए माल ले जाने से पहले अपनी मंडी समिति से पुष्टि ज़रूर कर लें।