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मंडी का नाम (नीमच, इंदौर), ज़िला, या फसल का नाम (गेहूं, प्याज, wheat) लिखें।

जौ का सरकारी रेट (MSP) 2026-27

Jau MSP 2026-27 · Barley(Jau)

समर्थन मूल्य · रबी 2026-27 · प्रति क्विंटल

₹2,150

15 सितंबर 2026 का मंडी औसत

₹2,435

MSP से ₹285 ऊपर

देशभर की 61 मंडियों में से 54 में जौ का भाव MSP से ऊपर चल रहा है। सबसे ऊँचा रेट बरेली मंडी में — ₹2,975

राज्यवार — जौ MSP से ऊपर या नीचे

राज्य का औसत मोडल भाव, समर्थन मूल्य के मुक़ाबले

Barley(Jau) के राज्यवार औसत मंडी भाव और MSP ₹2,150 से अंतर
राज्यऔसत मंडी भावMSP से अंतर
कर्नाटक3 मंडी₹3,767 ₹1,617MSP से ऊपर
उत्तर प्रदेश397 मंडी₹2,352 ₹202MSP से ऊपर
गुजरात41 मंडी₹2,231 ₹81MSP से ऊपर
मध्य प्रदेश454 मंडी₹2,216 ₹66MSP से ऊपर
हरियाणा39 मंडी₹2,150बराबर
दिल्ली10 मंडी₹2,144बराबर
राजस्थान588 मंडी₹2,138 ₹12MSP से नीचे
पंजाब1 मंडी₹2,060 ₹90MSP से नीचे
छत्तीसगढ़2 मंडी₹1,850 ₹300MSP से नीचे

9 राज्यों में से 4 में औसत भाव MSP से ऊपर है। राज्य के नाम पर क्लिक करके उस राज्य की मंडीवार सूची देखें।

जौ MSP पर बेचने से पहले

MSP वह न्यूनतम रेट है जिस पर सरकार जौ की खरीद करती है, और यह FAQ (उचित औसत गुणवत्ता) मानक पर लागू होता है। नमी ज़्यादा हो या सफ़ाई तय मानक से कम हो तो खरीद केंद्र MSP पर लेने से मना कर सकता है — इसलिए माल भेजने से पहले नमी की जाँच करा लेना बेहतर रहता है।

हर मंडी में सरकारी खरीद नहीं होती और खरीद की तारीख़ें सीमित होती हैं। जिस दिन मंडी का भाव MSP से ऊपर चल रहा हो, खुली नीलामी में बेचना आमतौर पर ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है, क्योंकि भुगतान भी तुरंत मिल जाता है। ऊपर की तालिका इसी फ़ैसले के लिए है।

जौ MSP — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जौ का सरकारी रेट 2026-27 में कितना है?

2026-27 मार्केटिंग सीज़न के लिए जौ का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,150 प्रति क्विंटल है। यह रबी की फसल है और यह रेट पूरे देश में एक ही रहता है।

क्या अभी मंडी में जौ का भाव MSP से ऊपर है?

15 सितंबर 2026 को देशभर की 61 मंडियों का औसत मोडल भाव ₹2,435 प्रति क्विंटल रहा, यानी MSP से ₹285 ऊपर। इनमें से 54 मंडियों में भाव MSP से ऊपर चल रहा था।

जौ MSP पर कैसे बेचें?

अपने ज़िले के सरकारी खरीद केंद्र पर पंजीकरण कराना होता है, और फसल FAQ (उचित औसत गुणवत्ता) मानक पर खरी होनी चाहिए — नमी और सफ़ाई तय सीमा के भीतर। खरीद की तारीख़ें सीमित होती हैं और हर मंडी में केंद्र नहीं होता, इसलिए माल ले जाने से पहले मंडी समिति से पुष्टि कर लें।

जौ का MSP और मंडी भाव अलग क्यों होते हैं?

MSP सरकार का घोषित न्यूनतम रेट है और साल में एक बार तय होता है। मंडी भाव उस दिन की खुली नीलामी का रेट है, जो आवक, नमी, गुणवत्ता और स्थानीय माँग के हिसाब से हर मंडी में अलग और रोज़ अलग होता है। इसीलिए एक ही दिन कुछ मंडियों में जौ MSP से ऊपर बिकता है और कुछ में नीचे।